जानिए किन्नर क्या होते है -15 Best Facts About Kinnar (किन्नर)

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जानिए किन्नर क्या होते है 15 Facts About Kinnar (किन्नर)

धरती पर इंसानों के दो वर्ग हैं – पहला पुरुष और दूसरा स्त्री। इन दो वर्गों के अलावा एक तीसरा वर्ग भी है जिसे अभी तक सामाजिक सामान्यता नहीं मिली, इस वर्ग की कई बातें एक छुपे रहस्य की तरह हैं और ये तीसरा वर्ग है – “किन्नर”

किन्नर ज्यादातर तभी दिखाई देते हैं जब घरों में कोई शुभ कार्य हो रहा हो, जैसे – नयी शादी होना या बच्चे का जन्म होना आदि। ऐसे मौकों पर किन्नर घरों में आते हैं, आशीर्वाद देते हैं और साथ ही दक्षिणा के रूप में कुछ पैसे भी लेकर जाते हैं।

1. किन्नरों के जननांग पूरे जीवन भर विकसित नहीं होते। वो जन्म से मृत्यु तक एक ही जैसे रहते हैं।

2. किन्नर नवजात बच्चों को गोद में लेकर ही पहचान लेते हैं कि वो स्त्री है या पुरुष या फिर किन्नर

3. किन्नरों को मरने के बाद जलाया नहीं जाता बल्कि दफनाया जाता है

4. किंन्नर भी 2 प्रकार के होते हैं – स्त्री किन्नर और दूसरे पुरुष किन्नर

5. स्त्री किन्नर में पुरुषों जैसे लक्षण होते हैं और पुरुष किन्नर में स्त्रियों जैसे

6. ऐसी मान्यता है कि किन्नरों की दुआ में बड़ी ताकत होती है और किन्नरों को दान देना बड़े ही पुण्य का काम है

7. अगर धन की कमी से जूझ रहे हैं तो किन्नर से एक रूपये का सिक्का लेकर अपने पर्स में रखें। अगर किन्नर आपको सिक्का दे दे तो उसे हरे रंग के कपड़े में लपेटकर पर्स में रखें या तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से कभी धन की कमी नहीं होगी।

8. किन्नरों की बददुआ कभी खाली नहीं जाती इसलिए कभी किसी किन्नर की बददुआ ना लें

9. ज्योतिष मानते हैं कि वीर्य और रज के मिलने से इंसान का जन्म होता है। अगर रज की मात्रा ज्यादा हो तो लड़की का जन्म होता है और अगर वीर्य की मात्रा ज्यादा हो तो लड़के के जन्म होता है। अगर वीर्य और रज दोनों ही बराबर मात्रा में हों तो किन्नर का जन्म होता है।

10. शास्त्रों के अनुसार, पूर्वजन्म के पापों की वजह से किन्नर का जन्म मिलता है

11. किन्नरों का भी विवाह होता है लेकिन किन्नरों का विवाह केवल एक दिन के लिये ही होता है। दरअसल किन्नरों के देवता “अरावन” हैं और इन्हीं से एक दिन के लिए किन्नर शादी करते हैं। अगले दिन किन्नर खुद को विधवा मानकर छाती पीटते हैं और मंगलसूत्र तोड़ते हैं।

12. किसी किन्नर की मौत होने पर किन्नर मातम नहीं मनाते बल्कि ख़ुशी मनाते हैं। इनके यहाँ ऐसी मान्यता है कि किन्नर की मृत्यु होने से उसे इस नर्क समान जीवन से मुक्ति मिल चुकी है।

13. किन्नरों का अंतिम संस्कार बहुत गुप्त तरीके से किया जाता है। इनके यहाँ मान्यता है कि अगर किसी ने किन्नर के शव को देख लिया तो अगले जन्म में इसे फिर से किन्नर बनना होगा।

14. इसीलिए किन्नरों की शवयात्रा रात में निकाली जाती है।

15. किन्नर की मौत होने पर उसके शव को जूते एवं चप्पलों से पीटा जाता है ये भी इनकी एक परम्परा है।

 

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